Apna time bhi aayega 7-14th august weekly update: Rani tries to reunite Veer and Rajeshwari

ज़ी टीवी के सीरियल अपना टाइम भी आएगा में चल रहा है हाई वोल्टेज ड्रामा आने वाले एपिसोड बहुत ही ज्यादा मजेदार होने वाली है क्योंकि दिखने को मिलने वाली है कि नहीं तरीके का ट्विस्ट.

जैसे कि दिखाया जा रहा है कि रानी कोशिश कर रही है वीर और राजेश्वरी को मिलाने की रानी ने राजेश्वरी से कहीं की भीड़ बात कर रहे थे उनके बारे में. यह बात सुनकर बहुत खुश हुई राजेश्वरी और वह पूछने लगी कि वह क्या बता रही थी उनके बारे में.

रानी कहने लगी कि भीड़ बता रहे थे कि कैसे राजेश्वरी हर एक इच्छा पूरी कर दी थी वीर कि जब वीर छोटे थे. राजेश्वरी यह सुनकर बहुत प्रसन्न होते हैं. रानी कहती है कि भीड़ बता रहे थे कि उनको राजेश्वरी के हाथ से बना हुआ खेल बहुत पसंद आते हैं.

राजेश्वरी तुरंत कहती है कि वह अभी जाकर खीर बनाएंगे और अपने हाथों से वीर को खिलाएंगे वह खीर बनाने जाती है. खीर बनाने के बाद जब वह वीर को देते हैं वीर बहुत खुश होते हैं वह कहने लगते हैं कि उसका स्वाद बहुत अच्छा होने वाली है.

पर जब उनको पता चलता है कि वह खीर और किसी ने नहीं बल्कि राजेश्वरी ने बनाई है तो वह खाने से इंकार कर देते हैं वह कहते हैं रानी से क्यों नहीं खा सकते उनके हाथ से बना हुआ कोई भी खाना. यह सब बातें सुन लेती है राजेश्वरी.

राजेश्वरी को यह सब बता लगता है कि वीर कैसे सोचते हैं उनके बारे में तो वह दुखी हो जाते हैं और चले जाते हैं उधर से बाद में रानी उनको पूछते हैं खाना खा लेने के लिए. यह बात सुनने के बाद राजेश्वरी कह देती है कि वह तब तक नहीं खाएंगे जब तक वीर उनके हाथ के बना हुआ खाना नहीं खाएंगे.

बाद में जाकर रानी कहती है वीर से कि उनको खाना खा लेना चाहिए क्योंकि राजेश्वरी ने कही है जब तक वह नहीं खाएंगे उनके हाथ के बना हुआ खीर तो वह कुछ नहीं खाने वाली है. यह बात सुनकर वीर भी थोड़ा इमोशनल हो जाते हैं और वह जाते हैं राजेश्वरी के पास.

वीर खुद खाते हैं फिर और उसके बाद राजेश्वरी के देते हैं खीर खाने के लिए राजेश्वरी खुशी से खीर खाती है. रणविजय यह सब देख रहे होते हैं दरवाजे सैलानी देख लेते हैं उनको और मन ही मन सोचते हैं कि रणविजय कुछ ना कुछ गलती करेंगे क्योंकि वह राजेश्वरी का खुशी नहीं देख सकते.

पिछले एपिसोड में दिखाया गया है कि कैसे रणविजय ने किडनैप किया था दिग्विजय को. उन्होंने रानी को भी चोट पहुंचाने की कोशिश की थी पर रानी बच गई थी. बाद में रानी ने सोचा कि अगर वह सबके सामने उनका असली चेहरा निकल आया तो शायद से दिग्विजय को नुकसान हो सकता है.

इसीलिए रानी अपना नया षड्यंत्र रचा, रानी ने अपनी भैंस बदली, और एक बूढ़ी औरत बन गई और राजावत परिवार में आ गई वह कहने लगी कि दिग्विजय ने उनको रखा है काम पर. पहले सभी चौक गया तो यह बात को सुनकर पर बाद में सभी मान गए राजेश्वरी भी मान गई.

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