Mangla Gauri Vrat 2021 जानिए महत्व, पूजा विधि और व्रत कथा

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सावन का महीना एक बहुत ही महत्वपूर्ण महीना है. इस महीने में सभी भगवान शिव और माता पार्वती का पूजा करते हैं. बहुत सारे उपवास भी रखते हैं.

सावन महीना शुरू हुई है 25 जुलाई 2021 से, आज 26 जुलाई सावन महीने का पहला सोमवार है. बहुत सारे लोगों को बताने की है पर सोमवार के साथ-साथ मंगलवार भी एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है सावन महीने के.

सावन महीने में पूजा किया जाता है भगवान शिव जी का और माता पार्वती का. लोग व्रत रखते हैं. ऐसा कहा जाता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन से जुड़ी समस्याएं खत्म होती हैं और संतान सुख की प्राप्ति होती है.

इस साल सावन का पहला मंगला गौरी व्रत 27 जुलाई को पड़ रहा है. मंगला गौरी व्रत ज्यादातर सुहागिनें महिला रखते हैं. ऐसा कहा जाता है कि व्रत रखने से, महिलाओं के पति का आयु बढ़ती है.

शास्त्रों के अनुसार, इस व्रत को शुरू करने के बाद कम से कम पांच तक रखा जाता है.

मंगला गौरी व्रत कथा-

पुरानी कथा के अनुसार, सालों पहले धर्मपाल नाम के एक सेठ रहा करते थे जिनके पास पैसों का कोई भी कमी नहीं थी पर उनके कोई भी संतान नहीं थे. संतान प्राप्त होने के बाद पता चला उनको की उनके बेटे का मृत्यु 16 साल की उम्र में होगा. इसीलिए धर्मपाल ने पहले ही उनके बेटे का शादी करवाया, 16 साल से पहले. जिस युवती से उनके बेटे का शादी हुई वह पहले से ही मंगला गौरी का व्रत रखती थी.

मंगला गौरी के व्रत के प्रभाव से धर्मपाल के पुत्र के सिर से उसकी मृत्यु का साया हट गया और उसकी आयु 100 वर्ष हो गई.इसके बाद दोनों पति पत्नी ने खुशी-खुशी पूरा जीवन व्यतीत किया.

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