Kuch Rang Pyaar Ke Aise Bhi 19th July 2021: Sonakshi shares her feelings with Jatin

ईश्वरी आयुष के लिए बेसन का हलवा बनाती है, देव आता है और पूछने लगता है कि क्या उन्होंने पूछा है उससे कि उनको पसंद है कि नहीं. ईश्वरी कहने लगती है कि जो देश को पसंद है वह आयुष को भी पसंद है, तभी सोहा जाती है और कहने लगती है कि वह बहुत दिन बाद बेसन का हलवा खाने वाली है. ईश्वरी कहती है कि एक बार बन जाए तो उसको भी मिलने वाली है.

सोहा पूछने लगती है कि तो फिर किसके लिए बना रही थी वह हलवा हो, देव कहते हैं सुबह से कि उनका स्कूल का वक्त हो गया है और वह स्कूल सुनना चाहते हैं सोहा को. उधर सोनाक्षी अपने दिल की बात कहने लगती है अपने दोस्त से. सोनाक्षी कहने लगती है कि वह मारने की कोशिश कर रही है कि उनका एक 8 साल के बेटे भी है.

पर उसके साथ-साथ सोहा को भी वह नहीं छोड़ सकती क्योंकि उन्होंने इतने सालों से सोहा को अपने बेटी मांकराई है. सोनाक्षी कहती है कि वह पूरी तरीके से कोशिश कर रही है ताकि वह मानता है कि आयुष उनका ही बेटा है पर सभी याद दिलाते रहते हैं कि सोहा उनके बेटी नहीं है.

सोनाक्षी के दोस्त उनसे कहते हैं कि क्या उन्होंने बात की है अपने पिताजी से. उधर मामा ,मामी, देव और ईश्वरी बैठे होते हैं. मामी कहने लगती है देव से कि उनको विश्वास नहीं होता कि देव का एक बेटा भी है वह भी 8 साल के. वह कहने लगती है कि उनको लगता है कि यह पूरा झूठी बात है , और रोहित ने मरने के वक्त यह दायित्व देश को इसीलिए शॉप के गया है ताकि उनके माता-पिता को दिक्कत ना हो उठा ना पड़े.

देव कहते हैं कि वह खुद गए थे कोलकाता कंफर्म करने के लिए और डॉक्टर भी कहा है कि उन्होंने पैसे के बदले बच्चे बदले थे. मम्मी कहती है कि देश को एक बार आयुष के डीएनए टेस्ट करवा लेना चाहिए ताकि उसको पता चल जाए कि आयुष उनका बेटा नहीं है. तभी आयुष उधर आ जाते हैं और सभी बातें सुन लेते हैं. यह सब बातें सुनकर आयुष बहुत दुखी हो जाता है.

देव अचानक से देखता है कि आयुष भी खड़ा है , आयुष ऊपर चला जाता है दौर कर दे व उनके पीछे पीछे जाते हैं. ईश्वरी कहती है कि उनको एक बार देख लेना चाहिए था कि कौन है आसपास उसके बाद बात करना चाहिए था. ईश्वरी कहती है कि उनको उनके दिल पर पूरा भरोसा है और वह जानते हैं कि आयुष उनका ही पोता है.

ईश्वरी कहने लगती है कि आयुष के हर एक हरकत में देव के बचपन देखती है वह और इसमें कोई भी संदेह नहीं है कि आयुष उनका ही बेटा है. उधर देव समझाते हैं आयुष को कि वह सिर्फ अब नहीं सुनने वाले हैं यह सब बल्कि पूरे जिंदगी उनको सुनना पड़ेगा यह सब. देव कहते हैं आयुष से कि वह उनके पापा है क्योंकि वह दोनों एक जैसे ही आयुष कहने लगते हैं कि वह दोनों एक जैसे नहीं है क्योंकि वो उनके पिताजी नहीं है.

देव कहने लगते हैं कि उनको पता है कि 8 साल वह आयुष के साथ नहीं थे पर आयुष यह सब सुनने के लिए तैयार नहीं होते और उधर से चले जाते हैं. सोनाक्षी, अपने पिताजी बिजॉय को कहने लगते हैं कि कैसे वह सुहाना को कभी नहीं छोड़ सकते क्योंकि वह उनसे बहुत प्यार करते हैं वह सब समझाते हैं कि कैसे आयुष हमेशा डरा हुआ रहता है और वह मान नहीं पाता कि उनके माता पिता देव और सोनाक्षी ही है.

सोनाक्षी के आने लगती है कि वह एक अच्छा माता कभी नहीं बन पाई, विजय कहते हैं कि ऐसा कुछ भी नहीं है क्योंकि वह बहुत अच्छी माता है. देश को कॉल आता है जिधर वर्मा कहते हैं कि वह सुहाना से मिलना चाहते हैं क्योंकि उनके बेटे का आखिरी निशानी है. यह सब सुनकर देव चौक जाते हैं.

देव कहते हैं कि वह किसी ना किसी उपाय निकालेंगे. देव देखते हैं कि सोनाक्षी अपने पिताजी के घर से निकल रही है वह गुस्सा हो जाते और कहने लगते हैं कि सोनाक्षी को वह वक्त के साथ बिताना चाहिए और वह उधर से चले जाते हैं.

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