Zee tv Apna time bhi aayega episode 30th june 2021

ज़ी टीवी के सीरियल अपना टाइम भी आएगा कि आज के एपिसोड में देखिए- रानी वीर को अपने कपड़े बदलने में मदद करती है रानी, पूछने लगती है फिर से कि क्या वह नाराज है क्योंकि उन्होंने गलत तरीके से बात किया है रानी सा है. रानी कहने लगती है कि उनको मालूम है कि रानी सा एक बहुत ही अच्छे इंसान हैं और वह उनके परिवार के लिए कुछ भी कर सकती है पर उनके जो तरीका है वह गलत है. रानी कहती है कि वह सिर्फ उस तरीके को सुधारना चाहती है.

रानी कहने लगती है उनको पता है कि वीर के माता है वह और उनके लिए थोड़ा कठिन है यह सब मान पाना वीर कहते हैं कि वह हमेशा रानी के पास खड़े रहेंगे और हमेशा रानी के साथ रहेंगे. उधर राजेश्वरी चंपा को बुलाती है खाना देने के लिए रानी कहती है सभी नौकर को आराम करने के लिए और कहती है वह खुद खाना देने वाली है रानी सा को.

सभी नौकर खड़े रहते हैं उधर रानी कहती है राजेश्वरी से उन लोगों को कहने के लिए क्योंकि जब तक वह लोग आदेश नहीं देंगे तो वह नहीं मानने वाले. तभी राजमाता ,दिग्विजय नंदिनी आते हैं घर में. राजेश्वरी पूछते हैं कि उनका ट्रिप कैसी थी रानी जाकर आशीर्वाद लेती है. राजमाता और सभी जब देखते हैं वीर की हालत तो वह चौक जाते हैं और पूछने लगते हैं कि क्या हुआ वीर कहते हैं कि उनको मामूली सी चोट आई है.

राजेश्वरी कहती है कि उनको अभी भूख नहीं है और वह अंदर चली जाती है. वो जब अपने कमरे में जाती है तो वह देखती है कि फूल मुरझाया हुआ है तो वह नौकर को बुलाते हैं और कहने लगती है कि कि उन्होंने साफ नहीं किया है और नया फोन लाकर इधर नहीं रखा है. रानी कहने लगती है कि उन्होंने गलती कर दी है आगे से यह गलती नहीं होने वाली है.

राजेश्वरी रानी के बातों को ध्यान नहीं देती और कहने लगती है कि वह बर्दाश्त नहीं करने वाली है यह सब गलती और वह उधर से चली जाती है रानी कहती है नौकरों को कि वह भी मदद करने वाली है उनको चंपा कहने लगती है सब दोष रानी की है रानी की वजह से ही उनको डांट पड़ी है.

बाद में रानी दवाई देने लगती है वीर को और वीर कहते हैं रानी को अपने आप को नहीं दोष देने के लिए क्योंकि रानी सा ऐसी ही है वह थोड़ी देर में समझ जाएगी अपनी गलती. अगले दिन सुबह रानी पूजा करती है और आरती की थाली नौकरों को देती है आरती करने के लिए देख कर चौक जाती है रानी सा, वह कहने लगती है वह किस साहस से वह दे सकती है आरती की थाली वह भी नौकर को.

रानी कहती है भगवान के नजर में सभी समान है राज माता रानी से सहमत होती है और कहती है राजेश्वरी को आरती करने के लिए राजेश्वरी आरती करती है. रानी सब में प्रसाद भारती है और राजेश्वरी मन ही मन सोचती है कि उनको कुछ तो करना पड़ेगा ताकि वह रोक पाए रानी को आगे बढ़ने से.

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